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Showing posts from September, 2014

मैने समय को बदलते देखा है।

सूरज को उगते, फिर डूबते देखा है, सुबह को शाम में , फिर रात मे बदलते देखा है, मौसम क्या, युगों को बदलते देखा है ,  मैने समय को बदलते देखा है। क्या सोचता था, क्या सोचता हूँ, छोटा था, थोड़ा बड़ा हो गया हूँ, अपने तो बच्चे से बूढ़े में बदलते देखा है, मैने समय को बदलते देखा है। जिद्दी जंगलों का रास्ता देना,  गर्म रेत के टीलों का हवा मे उड़ जाना, सख्त पत्थरों को हवा मे घिसते देखा है, मैने समय को बदलते देखा है। हवा के विरुद्ध चला, हवा के साथ चला, मै कई बार मिटा, मैं कई बार बना, कई अशोकों का ह्रदय परिवर्तन होते देखा है, मैने समय को बदलते देखा है। आगामी सप्ताह शुभ हो, अनुरोध "सन्दर्भ " www.astro-healer.in www.facebook.com/anurodh.healer